कबीर जी का इतिहास
600 सौ वर्ष बाद वही इतिहास दोहराने की कोशिश 600 सौ वर्ष पहले भी जब कबीर परमेश्वर जी हमें निज धाम सतलोक ले जाने के लिये आये थे तो उस वक्त भी उनको बहुत संघर्ष करना पड़ा था पाखंडी पंडितो ओर मुल्ला काजियो ने कबीर परमात्मा का बहुत विरोध किया उन्हे झूठा बदनाम किया यहां तक की उन्हे खत्म करने के लिये सभी प्रयास किये तोप से उड़ाने की कोशिश, भूखे शेर के पिंजरे में डाला, हाथी से कुचलना चाहा तो कभी गंगा में डुबोना चाहा, उबलते गर्म तेल की कड़ाई में डाला लेकिन वो दुष्ट लोग अविनाशी कबीर परमात्मा का कुछ नही बिगाड़ पाये परमात्मा चाहते तो क्षण भर में सबको सबक सिखा सकते थे लेकिन उन्होने ऐसा नही किया परमात्मा कहते है यह सब मेरी ही आत्माये है यह भटके हुऐ है कयोकी बच्चे जितने मर्जी बुरे हो जाये लेकिन मां बाप कभी गलत नही हो सकता ईसलिये परमात्मा उनके जैसा नही बन सकता बल्कि हमे सीधे मार्ग पर लाने लिये हर कष्ट को सहन किये लेकिन हम नीच लोग फिर भी परमात्मा को पहचान नही पाये ओर वो 120 वर्ष लीला करने के बाद मगहर से सशरीर वापिस सतलोक चले गये ओर हम आज तक ईस गंदे...