संदेश

मई, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कबीर जी का इतिहास

चित्र
            600 सौ वर्ष बाद वही इतिहास दोहराने की कोशिश 600 सौ वर्ष पहले भी जब कबीर परमेश्वर जी हमें निज धाम सतलोक ले जाने के लिये आये थे तो उस वक्त भी उनको बहुत संघर्ष करना पड़ा था पाखंडी पंडितो ओर मुल्ला काजियो ने कबीर परमात्मा का बहुत विरोध किया उन्हे झूठा बदनाम किया यहां तक की उन्हे खत्म करने के लिये सभी प्रयास किये तोप से उड़ाने की कोशिश, भूखे शेर के पिंजरे में डाला, हाथी से कुचलना चाहा तो कभी गंगा में डुबोना चाहा, उबलते गर्म तेल की कड़ाई में डाला लेकिन वो दुष्ट लोग अविनाशी कबीर परमात्मा का कुछ नही बिगाड़ पाये परमात्मा  चाहते तो क्षण भर में सबको सबक सिखा सकते थे लेकिन उन्होने ऐसा नही किया परमात्मा कहते है यह सब मेरी ही आत्माये है यह भटके हुऐ है कयोकी बच्चे जितने मर्जी बुरे हो जाये लेकिन मां बाप कभी गलत नही हो सकता ईसलिये परमात्मा उनके जैसा नही बन सकता बल्कि हमे सीधे मार्ग पर लाने लिये हर कष्ट को सहन किये लेकिन हम नीच लोग फिर भी परमात्मा को पहचान नही पाये ओर वो 120 वर्ष लीला करने के बाद मगहर से सशरीर वापिस सतलोक चले गये ओर हम आज तक ईस गंदे...

बीमारी का इलाज

चित्र
                हर बीमारी का आसान इलाज हम देखते आए हैं और हमारे साथ भी बीती है, कि यह बीमारी चाहे शारीरिक हो चाहे मानसिक, पर हर किसी व्यक्ति के शरीर में पाई जाती है। और हर कोई इंसान कोई न कोई बीमारी से पीड़ित रहता है। यह आज से नहीं जब से संसार की उत्पत्ति हुई है तब से ही लागू है, तो यह क्या भगवान का संविधान है? या हमारे कर्म है? अगर हम इस विषय पर गहरे चलते हैं तो पता लगता है कि यह हमारे पिछले पाप कर्म होते हैं जो हमें दुखदाई होते हैं। हमारा मनुष्य जन्म होते हुए भी हम भगवान का नाम नहीं जपते और शराब के ठेके, तंबाकू सेवन व अनेक प्रकार की बुराइयों में जुड़े रहते हैं जिसका परिणाम हमें भुगतना पड़ता है। तो क्यों ना हम अभी से ही कर्म बनाने शुरू कर दें तो कितनी अच्छी बात है। यजुर्वेद अ. 5 मन्त्र 32 में यह भी लिखा है की कबीर परमात्मा पाप कर्म काट सकते हैं जो व्यक्ति तत्वदर्शी संत से नाम लेकर भक्ति करता है तो क्यो ना उस भगवान की शरण मे ही जाए क्यो बुजुर्गों के अंधविश्वास में अड़े रहे? अगर उनके पीछे चले तो वो पूरी जिंदगी दुख पाए और हम भी उसी के...

कोरोना का कहर से मुक्ति

चित्र
                    कोरोना से निजात पाना    आज हमारे देश भारत मे एक विकराल परिस्थिति है वो है कोविद-19   इससे बचने या छुटकारा पाना मुश्किल का काम है लेकिन आसान भी है। पर इस महामारी ने पूरे विश्व में अपनी जगह बना ली है और पूरा विश्व इस संकट की घड़ी में अब सभी वैज्ञानिकों ने भी हाथ खड़े कर दिए है कि इसका इलाज संभव नहीं है। पर जब मनुष्य संसार मे कोई साथी या सहारा नही मिलता है तो केवल भगवान को ही याद करता है। जब भगवान  को याद किया जाता है तो उसके बाद बाकी कुछ नहीं रहता है ।